रविवार, 15 नवंबर 2015

चन्द माहिया :क़िस्त 22

चन्द माहिया  :  क़िस्त २२


:१:
इक प्यास रहे ज़िन्दा
तेरे होने की
एहसास रहे ज़िन्दा

:२:

आना जो नहीं  मुमकिन
दिल में मेरे जब
फिर क्या जीना तुम बिन

:३:

आँखों में समा‌ए वो
अब क्या मैं देखूँ
आ कर भी न आ‌ए वो

:४:

जिस दिल में न हो राधा
साँसे तो पूरी
पर जीवन है आधा

:५:

पा कर भी जब खोना
टूटे सपनों का
फिर क्या रोना-धोना !

आनन्द.पाठक
[सं 12-06-18]

1 टिप्पणी:

Kavita Rawat ने कहा…

बहुत सुन्दर