गीत

गीत 001 : मैं स्वयं में खोया खोया
गीत 002 : किसी का प्रणय तन मन हूँ
गीत 003 : मैं अँधेरा अभी पी रहा हूँ
गीत 004 : मत छूना प्रिय मुझको अपनी
गीत 005 :कंकुम से नित माँग सजाए--
गीत 006  : समर्पण गीत
गीत 007 : फिर कहीं दूर आँगन में धुआँ उठा
गीत 008 :नफ़रत नफ़रत से बढ़े 
गीत 009 : हम बंजारे नगरी नगरी 
गीत 010 : जिसको दुनिया के मेले में 
गीत 011 : मालूम था मेरी देहरी को 
गीत 012 : तुम बिना पढ़े लौटा दी मेरी
गीत 013 : तुम हमारी जीत भी हो हार भी 
गीत 014 : देवता बनना कहीं आसान है
गीत 015 :वह तो सिर्फ़ बहाना भर है
गीत 016 : वह बैसाखी ले एक हिमालय नाप गए
गीत 017 : हर बार समर्पण करता हूँ
गीत 018 :सजीली साँझ का मौसम 
गीत 019 : नेता बन जाओगे प्यारे ! [ हास्य ]
गीत 020 : श्वेत-पत्र पर ख़ून के  छींटे-- 
गीत 021 : मैं प्यार माँगता हूँ
गीत 022 : नववर्ष तुम्हारा अभिनन्दन
गीत 023 : जिसने मुझे बनाया (1)
गीत 024 : जिसने मुझे  बनाया (2)
गीत 025 : जब देहरी को ठुकरा कर ही जाना है
गीत 026 :तुम ने ज्योति  जलाई होगी
गीत 027 :जब आकर मिलना ही नहीं है
गीत 028 : किरण किरण तेज़ाब हो गई 
गीत 029 : यह तुम्हारा प्रणय हठ है 
गीत 030 : शब्दों की नक्कासी केवल---
गीत 031 : जिसको रहबर समझ रहे थे
गीत 032 : जो झूटे सपनों का सच था-
गीत 033 : कभी कभी इस दिल को जाने
गीत 034 : कईसे मनाईब होली हो राजा [ भोजपुरी]
गीत 035 : कर लो जितना पूजन अर्चन--
गीत 036 : दीन धरम और सच की बातें--
गीत 037 :मुझ से मेरे गीतों का
गीत 038 : काहे न रँगवा रँगऊलु --[ भोजपुरी ]
गीत 039 : मैं नहीं गाता हूँ
गीत 040 : ना मैं जोगी ना मैं ग्यानी
गीत 041 : आना जितना आसान रहा 
गीत 042 : हे अनामिके ! [ श्रद्धांजलि]
गीत 043 : कल्पनाओं में जब तुम उतरने लगी
गीत 044 : आज तो तुम पल रही हो
गीत 045 : परदे के पीछे से छुप कर
गीत 046 : चार दिन की ज़िन्दगी से
गीत 047 : एक मन दो बदन
गीत 048 :जब से चोट लगी है दिल पे
गीत 049 : नव वर्ष की नव सुनहरी किरन से
गीत 050 : नफ़रत की होलिका जलाएँ
गीत 051 : जीवन के सुबह की लिखी हुई
गीत 052 :छा न जाए शहर पे ख़ामोशियाँ
गीत 053 : छेड़ गईं फ़ागुनी हवाएँ
गीत 054 :तुम चाहे जितने पहरेदार बिठा दो
गीत 055 : तुम अहम की टोकरी 
गीत 056 : यूँ न नज़रें झुका कर बैठी रहो
गीत 057 : जै माँ गंगे ! जय माँ गंगे
गीत 058 : आई थी क्या याद हमारी
गीत 059 : नए वर्ष की नई सुबह में
गीत 060 : आज अगर ख़ामोश रहे तो 
गीत 061 : जाने क्यों ऐसा  लगता है
गीत 062 : कैसे कह दूँ कि अब तुम 
गीत 063 :मैं तेरे ब्लाग पे जाऊँ  [हास्य ]
गीत 064 : तेरे खुशियों में  शामिल सभी लोग हैं
गीत 065 : आओ  कुछ दीप हम जलाएँ
गीत 066 : खोल कर न यूँ ज़ुल्फ़ें चलो--
गीत 067
गीत 068
गीत 069
गीत 070

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